कुछ पृष्ठ मेरी लेखनी से ३.०

मित्रों,
आप सभी का मेरी लेखनी के इस नए अध्याय '३.०' को खोलने के लिए हार्दिक धन्यवाद। ये सभी कविताएँ एक प्रिय मित्र को समर्पित हैं, जिसने मेरे भीतर भावनाओं के बीज को सींचा और उन्हें कविता रूपी पौधों के रूप में विकसित होने में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अनुक्रमाणिका निम्न है  :

  1. फूल की सुगंधि सी
  2. खामोशी की भाषा
  3. बात समझा नहीं पाया
  4. दिल की सादगी
  5. ख़ुशियों की दुआ
  6. अहमियत रिश्ते की 
  7. फालतू की बातें 
  8. बचपन 
  9. ख़ामोशी का दर्द 
  10. कौन हूँ मैं 
  11. वक्त 
  12. पुकार
  13.  खामोशी पढ़ना
  14. बेनाम रिश्ता 
  15. एक बेशकीमती दोस्त के नाम
  16. छांव सी दोस्त
  17. हँसी की रौशनी
  18. बस तू मुस्कुरा दे
  19. तू है तो सब कुछ है
  20. आपका ही नाम
  21. तेरे साथ का सुकून
  22. लहर सुकून की 
  23. मुझको तो है
  24. मैं बस साथ हूँ
  25. हाथ थामे रखना आता है  
  26. कुछ लम्हे... जो याद बन गए

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