एक दोस्त...
जिसने ज़िन्दगी को मुस्कुराना सिखा दिया,
जो हर ख़ामोशी में भी मेरी आवाज़ बन गई,
जिसने साथ रोकर आँसू बाँटे,
और साथ हँसकर जीना भी सिखा दिया।
उससे मिला तो लगा....
जैसे कोई भीड़ में अपना- सा अनजान मिल गया हो,
जिसको हर बात बेझिझक कहना आसान हो गया हो,
उसका हर दर्द - हर तकलीफ अपनी और जैसे ...
अपनी हर तकलीफ़ आधी - सी लगने लगी हो ।
वो सिर्फ़ एक दोस्त ही नहीं, मेरी हिम्मत, मेरा एक पूरा परिवार हो जसे ,
जो भीड़ में भी मुझे अकेला नहीं महसूस होने दे एक वो इंसान हो जैसे |
कहा था उसने कभी कि, जा सकते हो जाना ही है तो ,
साथ निभाना क्या होता है अब दिल से जान चुकी है वो |
"करता हूँ दुआ कि उसकी ज़िन्दगी सदा सुकून से भरी रहे,
हर सुबह उसकी मुस्कान से सजे, हर रात चैन से गुज़रे।
मैं परेशानियों का हल है यूं ...तू ही है मेरी दुआओं का सबब
तेरी ही वजह से मेरी दुनिया रौशन है, मेरी ज़िन्दगी में उजाले हैं।"
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