ख़ुशियों की दुआ

अपनों के चेहरे पर ख़ुशी देख सुकून मिलता है,
जैसे रेगिस्तान में बारिश का जुनून मिलता है।।
उनकी हँसी में बसी है मेरी हर दुआ,
प्यारी मुस्कान में ज़िंदगी का हर रंग मिलता है।।

उनकी ख़ुशियों से ही तो रोशन है मेरा जहाँ,
उनके बिना अधूरी-सी लगती है ये दास्तां।।
रब उनको रखे खुश बस यही चाहता हूँ,
हर लम्हा दुआओं में बस यही माँगता हूँ।।

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