सभी काम की बातें करते हैं दुनिया में
कोई तो हो जो फालतू की बातें करे ||
जो चाय की चुस्कियों में किस्से सुनाए,
बिना वजह हंसी में पलकों को भिगो जाए ||
जहां हर कोई भाग रहा हो मंज़िल की ओर,
कोई तो हो जो रुककर तारे गिने चौराहे पर ||
जिसे न हो फ़र्क नतीजों से, न हो हड़बड़ी,
बस यूं ही ख्यालों में उलझी बातें करे घड़ी-घड़ी ||
सारी ज़िंदगी जोड़े लोग कामयाबी के पलों को,
कोई तो हो जो बस दोस्ती के पल संभाले ||
सभी काम की बातें करते हैं दुनिया में
कोई तो हो जो फालतू की बातें करे ||
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