ज़रा-सी बात पर, बरसों के याराने चले गए ,
पर अच्छा तो है, कुछ लोग पहचाने तो गए ।
उनके साथ हर बात बिन सोचे ही कही जाती है ,
जिनके साथ अंजाम की फ़िक्र न कभी सताती है ।
जहां दिल की बातें प्यारे लफ्ज़ों में ढल जाती हैं ,
सोचने की ज़रूरत नहीं, बस यूं ही निकल जाती हैं ।
जो न भी कहना हो, वो खुद-ब-खुद कहा जाता है ,
उनके सामने हर जज्बात बेमुश्किल बयां हो जाता है ।
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