उठ कर आना भी था और,
अपने दिल को बहकाना भी था…
तुम मानो या ना मानो मगर वो लम्हा
बस तुम्हारा ही था ये बताना भी था। 💛
आंखों ने कहा था ठहर जा ज़रा,
पर दिल को तो बहक जाना भी था…
तुम मुस्कुराए, बस वही पल था ख़ास,
कहने को कुछ नहीं, पर सब जताना भी था। 💛
कभी-कभी कुछ सेकंड का मिलना भी, एक पूरा जनम सा लगता है,
तेरी मुस्कान में छुपी वो बात, हर दर्द को मरहम सा लगता है।
ना जाने क्यों तेरे जाने के बाद भी, तेरी खुशबू रह जाती है,
ऐ दोस्त, तू मिले पल भर को भी, तो ज़िंदगी आसान लगती है। 🌸
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