कौन हूँ मैं ...


तेरी हंसी की खिलखिलाहट हूँ मैं,

रोते दिल के लिए कंधा हूँ मैं |

मैं गुमसुम सा खड़ा तेरा साथ,

हर खुशी में तेरी आवाज़ हूँ मैं ||


तेरी बातों में बसी वो बात हूँ मैं,

तेरे हर गम में तेरे साथ हूँ मैं |

तेरे सपनों का सपना हूँ मैं,

तेरे जज़्बों का अपना हूँ मैं ||


क्या यही सच है, 

या सिर्फ़ एक सपना हूँ मैं |

अब कहने की जरूरत नहीं 

तू जानती है तेरा अपना हूँ मैं ||


और 

लगता है तुझको अक्सर कि

तू कर रही है परेशान मुझे |

जहाँ उड़ सके पंख फैला कर वो 

तेरा छोटा-सा आसमान हूँ मैं ||

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