तेरी हंसी की खिलखिलाहट हूँ मैं,
रोते दिल के लिए कंधा हूँ मैं |
मैं गुमसुम सा खड़ा तेरा साथ,
हर खुशी में तेरी आवाज़ हूँ मैं ||
तेरी बातों में बसी वो बात हूँ मैं,
तेरे हर गम में तेरे साथ हूँ मैं |
तेरे सपनों का सपना हूँ मैं,
तेरे जज़्बों का अपना हूँ मैं ||
क्या यही सच है,
या सिर्फ़ एक सपना हूँ मैं |
अब कहने की जरूरत नहीं
तू जानती है तेरा अपना हूँ मैं ||
और
लगता है तुझको अक्सर कि
तू कर रही है परेशान मुझे |
जहाँ उड़ सके पंख फैला कर वो
तेरा छोटा-सा आसमान हूँ मैं ||
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