शीतलहर का कहर जारी

जरूर देखिये 

8 बजे स्पेशल न्यूज 

शीतलहर का कहर जारी

और 8 बजे  :-

कैमरा ले कर पहुंच गये वो  |
बोले आप को दिखा रहे है  लाईव ||
कैसे कर रहे है गरीब |
इस सर्दी मैं सरवाईव  ||1||


आप देख सकते हैं इन पर  | 
नही गर्म कपड़े पहिनने को ||
नहीं है लकड़ी इन पर  |
इस सर्दी में जलाने को  ||2||  


पूछते हैं तो बताईये आप  |
आपकी सर्दी कैसे कटती || 
थोड़ा प्रयास तो कीजिये |
आपको सर्दी तो नही लगती है  ||3||


समय हो चला है एक ब्रेक का |
कहीं जाईयेगा  नही ||
ब्रेक के बाद जारी रहेगा कार्यक्रम|
शीतलहर का कहर जारी ||4||


(आप कुछ बोलते क्यों नही ,
आप इस वक्त लाईव टीवी पर हैं||
सारी  दुनिया आप को देख रही है| 
आप ये सुनहरा अवसर खो देंगे  )||5||


ब्रेक के बाद आप सभी का |
स्वगत है इस शो  में ||
जिसका है जाना पहचना नाम| 
शीतलहर का कहर जारी  |||6||


इस समय हम है इलाके में |
हो रहा हिमपात जहां||
दखते है सभी भूखे लोग |
 रहते हैं कैसे वहां ||7||


सुनिये आप का क्या नाम है ?
जी सुरेश  |
सुरेश जी आप को कैसा लगता है यहां पर ?
छुट्टी मनाने आये हैं  जी हम यहां ||8||


( कैमरा मैन को बुजुर्ग के पास चलने
                     का इशारा  करते हुए |) 


दादा  आप ने इस सर्दी मैं |
एक कमीज़ पहन रखी है ||
 इस भयानक सर्दी में आप को|
ठन्ड तो नही लग रही है  ||9||


( बुजुर्ग देखता है और फ़िर  आंखे बन्द
  कर के  चेहरा नीचे कर लेता है |)
तो आप कुछ बताईये हमारे दर्शकों को ||
आप कुछ बोलते कयों नहीं?
( आंखे सदा के लिये बन्द हो चुकी होती है )||10||




तो आप देख रहे थे कार्यक्रम| 
बुजुर्ग की थी वो अन्तिम बारी|||
हमारा कार्यक्रम  जारी रहेगा|
शीतलहर का कहर जारी||11||




{"अनायास सी प्रतीत होने वाली शैली में  समाज की दारुन विड़म्बनओं को को कविता  "शीतलहर का कहर जारी"  में दर्शया गया है । कविता में दर्शकों क मन में शारीरिक चुनौतियो को झेलते हुए लोगों के प्रति संवेदनशील नज़रिया अपनाने के लिये प्ररित होने का पाठ पढाने के लिये किस तरह  करुना जगने के उद्देश्य से  शुरु हुआ  कार्यक्रम  क्रूर बन जाता है |"}
                                                                 

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