बहाना है

जब पहली बार उनसे जो आंखें चार हुई थीं ,
तब पहली बार हमारे मन की हार हुई थी || 

अपने हाथों को देती नहीं अब वो हमारे हाथों में ...
कहती हैं कृष्णा :
ये अच्छी- सी मेहँदी लगाना तो तुम्हारा बहाना है ||

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