याद नहीं उनको वो शाम ,याद नहीं उनको वो दीया ,
जो जलाया हमने हमारे लिए ,आज वो दिल तोड़ यूं चल दी ,
अब चिराग में लौ बची नहीं , कुछ ऐसा लगता है मुझको ||
तुम्हारी इन बातों से अब मेरे को लगता है ये ....
मेरे इन आँसुओ से तुमको कोई मतलब नहीं ||
-- गोपाल कृष्णा "चौहान" |
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