जवां बातें

मुहब्बत तो यूँ हो जाया करती है पर|
दर्द - ऐ - दिल जाता है जाते-जाते || 

कभी दिल किया या याद आया कुछ तो ,
जरूर सुनाऊंगा कोई नज्म इस रंगीन महफ़िल में |
अभी तो दिल गैर राज़ी है , इन जवां बातों के लिये |

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