आए हैं महफ़िल में
चाँदनी लेकर,
के रोशनी में नहाने की
रात आई है ||
बहुत बहुत शुक्रिया ,
आभार आपका .....
आज हमारे साथ ,
रहे उसके लिए ||
भले आप खुद नही थे,
हमारे साथ पर ||
एक पल के लिए भी,
आपकी नज़रों ने ||
कहाँ अकेला .........
होने दिया हमको ||
न मुझे तमन्ना .......
नाम जानने की इस रिश्ते का ||
तुमको ऐतबार है मुझ पर ,
बस इतना ही काफी है ||
कुछ मै कहूँ , कुछ तू कहे ।
कुछ मै सुनूं , कुछ तू सुने ||
ये राह यूं कट जायेँगी ।
जो चल पड़े ये सिलसिले ||
किसी ने पूंछा उन से ,
वो तुम्हारा क्या लगता है ||
वो इतना बोलीँ बस ,
अच्छा लगता है ||
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