कुछ को सलाम

मित्रों , कुछ को सलाम ,

बचे हुओं को राम राम ............

यहाँ पर आना ही है खास काम |

गन्दी बात होती है छूना जाम |

और हमेशा खाने चाहिए बदाम |

पर अब है तेज उनका दाम |

महगाई हो गयी है ज्यादा ....

सर दर्द भी रहता हो ज्यादा ..

तो ले आओ कोई सा बाम |

पर इतना तो जरूर मानो है ....

महगाई का ही ये काम |

सब समझ ही चुके होंगे कि ,

जीना हो गया है हराम |

उनका तो बस यही है काम |

पेड़ है हमारे और देखो |

खाते है मजे से आम |

खुद के है खजाने भरे और

नहीं करने देते हमको ये आराम |

अब तो समझ जाओ |

यह समस्या नहीं है आम |

मित्रों , कुछ को सलाम |

बचे हुओं को राम राम ............





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