सुना होगा हंसते चेहरे के पीछे ,
एक दर्द छिपा होता है ||
गौर कीजिए "हंसते चेहरे के पीछे "
चेहरा तो हंसता होता है ||
जो लिखता है हास्य रस वो
वो करुना रस भी लिखता है ||
हर कोई बंदा अपने दिल के
एक कोने में रोता है ||
गौर कीजिए "हंसते चेहरे के पीछे "
चेहरा तो हंसता होता है ||
अपने दुःख को यूँ छिपा कर ,
न चैन की नींद वो सोता है ||
गौर कीजिए "हंसते चेहरे के पीछे "
चेहरा तो हंसता होता है ||
अपनों की खातिर .......
अपने यारों की खातिर |
हंसी खुशी वो रहता है ||
गौर कीजिए "हंसते चेहरे के पीछे "
चेहरा तो हंसता होता है ||
-- कृष्णा
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