पास हो कर भी आप ,
हमसे कितने दूर हैं |
जानते हैं हम ये अच्छे से ,
तमन्ना आपकी भी वही है ||
आपने कहा था उस पल ,
हमारी जिन्दगी है आपसे |
और अब आपका कहना ,
हम शरमाते हैं आपसे ||
आपका यूं नज़रें चुराना ,
इस कदर आपका शरमाना |
और भाग के दूर चले जाना ,
नामुमकिन है दिललगी भुलाना ||
वो बोले सोजा कृष्णा पर ,
कैसे सो जायें आज हम |
हमारी आँखों ने पहली बार
सोते हुए देखा है इनको ||
कुछ पल के लिए खोल दो ,
अपनी झील-सी आँखों को |
हमारी खुशियाँ हैं आपकी ,
इन बंद पलकों के पीछे ||
इस कदर सोते सोते जताना ,
कि सोते हुए भी हमको चाहना |
आपका ये तरीका - ए - ख़ास ,
हमको आपका बनाता गया ||
आपने मेरी ख़ुशी के लिए ,
आज तक कितना कुछ किया है |
आज मैंने भी किया है कुछ ,
पहली मुलाकात में आपके लिए ||
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