आप आयीं ख़्वाबों में हकीकत की तरह,
आप आयीं हकीकत में ख्वाबो की तरह ||
हाँ चाहता हूँ मै आपको दिलो जान से,
पर आपको ये जज़्बात समझाऊ किस तरह ||
वो मुरझाया-सा फूल अब ,
उसके साथ मुस्काया था |
वो वीरानी रैन गयी ,
अब खिलखिलाता सवेरा हुआ ||
लगता है तुम्हारी इन ,
घनी जुल्फ़ों से ये रात है |
तुमने यूं खोली पलकें ,
तो खिलखिलाता सवेरा हुआ ||
हमको हम से चुराया है आपने ,
दूर थे पास बुलाया है आपने ,
कभी भुला ना पायेंगे आपको ,
याद रखना सिखाया है आपने ||
देखा आज उनको यादों के झरोखे से ,
लगा ऐसा याद उनकी है एक झोके की तरह ||
देखा आज उनको यादों के झरोखे से ,
लगा ऐसा साथ था वो एक धोखे की तरह ||
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