चाहत

चाहा है तुझको ,
          चाहत से ज्यादा   ||

हकीकत है खो चुका हूँ ,
           खुद को खुद से  ||१||

डरता हूँ कहने में ,
            तुझको सब कुछ  ||

डर है कही खो ना दूं ,
          तुझको खुद से   ||२||

झूठ कहते है वे ,
           जो कहते है ....

दिल से चाहा ,
           मिलता जरूर है  ||३|| 

अगर सच होता तो ,
       मिलता जरूर मुझको भी ||

चाहत क्या थी ? एक दिल
        ही  तो चाहा था मैंने ||४||

नहीँ पकड़ाये हाथ अपने ,
           आपने हमारे हाथोँ मेँ ||

डर था क्या आप को हाथ ,
    थाम ना लिये जायेँ आप के ||५||

मैंने सोचा  उनके मन में भी ,
       है कुछ तो चाहत मरे लिए ||

पूंछा तो वो बोली हमसे ,
    अब ना किया करो बात .....
        चाहत बस इतनी-सी है ||६||




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