प्यार

बाप की डांट है प्यार ,
माँ का दुलार है प्यार |
यारों की यारी है प्यार ,
देश का सत्कार है प्यार ||

अपनों का अपना पन ,
लगता है जैसे मधुवन ,
इन बूंदों का धरती से ,
ये मिलन ही तो है प्यार ||

मीरा का कृष्णा के लिए ,
चकोर का चंदा के लिए |
नादिया का ऐसे बहना ,
समंदर से मिलने के लिए ||

बादलों की बनी फूलमाला ,
बने हिमालय के लिए हार |
मित्रों शायद समझ चुके कि ,
यही तो होता है सच्चा प्यार || 


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