कुछ बातें :परिन्दों की

डर है .........

उड़ ना जाये वो ,

        परिंदों की तरह कहीं ||1||

पर करता नहीं मै ,

        पर बांधने पर यकीन ||2||

चाह  है उड़ना ,

          मना  नहीं करता  ||3||

साथ होकर भी ,

           उड़ जाये कभी वो ||4||

दूर जाना है उड़कर ,

         इरादा है सच में तो ||5||

कहाँ मैंने आज तक ,

          रोका  है  तुमको  ||6||

नही जरूरी कोई ये कि,


         जा  रही  हो जहां  ||7||

वहाँ मिले खुशियाँ तुमको ,

     विश्वास भी होता है कुछ ||8||

और  ना रहे वही तो.........

  पर है यकीन विश्वास पर भी ||9||

परिंदा रहेगा मेरा ही ,

      रहने  पर भी  ............

          उड़ने  पर  भी   ||10||



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