जब-जब होती है भोर

हम बंधे हैं ...
उस बंधन से ...
जिसकी नहीं कोई डोर ||



कुछ हो ऐसा .... 
तुम हो पास मेरे ..... 
जब-जब होती है भोर ||

देख ये मधुर ...
मुस्कान तुम्हारी ....
जंगल में नाचे मोर || 

दिल चाहता है .... 
आना पास तुम्हारे ....
जब-जब होती है भोर ||

कुछ ऐसा रिश्ता ...
है हम में जैसे .... 
तुम चंदा और मै चकोर ||

करता है दिल ...
याद तुमहें ही .....
जब-जब होती भोर ||

मै जानता हूँ ......
हाँ जनता हूँ मै .... 
है नहीं प्यार का छोर ||

पर फिर भी तब से ....
दिल चाहे तुमको .....
जब-जब होती है भोर |
जब-जब होती है भोर ||




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